शौचालय निर्माण के लिए सब्सिडी पाना चाहते हैं तो इस तरह करें आवेदन

सरकारी योजना


नई दिल्ली: देश को खुले में शौचमुक्त, स्वच्छ और साफ बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान योजना (Swachh Bharat Abhiyan Scheme) की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत सरकार ने 5 साल में पूरे देश में 1.2 करोड़ शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा है। यह विश्व का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में 1.08 लाख शौचालयों और 5.08 लाख सामुदायिक शौचालय के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छ भारत अभियान के लोगों में महात्मा गांधी के चश्मे को संकेत के तौर पर बनाया गया है। इस चश्मे के मध्य में स्वच्छ भारत लिखा गया है। इस लोगो की वजह गांधी जी का भारत के ग्रामीण विकास के सपने को माना जाता है।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य कई सारे लक्ष्यों की प्राप्ति करना है। इस अभियान के तहत सरकार देश को खुले में शौच मुक्त बनाना चाहती है और खुले में शौचालय को आधुनिक शौचालय में बदलना चाहती है। सरकार का मिशन, हाथों से मल साफ करने की व्यवस्था को पूरी तरफ ख़त्म करना, लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, जन जागरूकता कार्यक्रम से लोगों को जोड़ना, साफ-सफाई की सभी व्यवस्था को नियंत्रित डिजाइन और संचालन की व्यवस्था करना, वैज्ञानिक प्रक्रिया से म्युनिसिपल द्वारा ठोस अपशिष्ट का पुनर्चक्रण करना है। इस योजना के तहत अधिक से अधिक पेड़ लगाने का भी लक्ष्य रखा गया है, ताकि शुद्ध वायु के स्तर में वृद्धि हो सके।
बिहार में शौचालय निर्माण-घर का सम्मान योजना क्या है?
स्वच्छ भारत अभियान अपने लक्ष्यों में अभी तक पूरी तरह सफल तो नहीं हुआ है, लेकिन लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में काफी वृद्धि हुई है। हालांकि, अभी भी कुछ और प्रयास की आवश्यकता है, जो सिर्फ सरकारी प्रयास से मुमकिन नहीं, बल्कि इसके लिए लोगों के तरफ से पहल भी बहुत जरुरी है। नेशनल सैम्पल सर्वे ऑर्गनिज़ेशन (NSSO) के एक सर्वे के मुताबिक देश की आधी से ज्यादा ग्रामीण आबादी (55.4%) खुले में शौच जाती है। शहरों में खुले में जाने वाले लोग 8.9% हैं।

आज भी भारत में 62.6 करोड़ लोग खुले में शौच जाते हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार शहरों को रैंकिंग प्रदान करती है। जिसके लिए सरकार ने कुछ नियम निर्धारित किये हैं। जैसे– सूखा कचड़ा, गिला कचड़ा निष्पादन, सड़क किनारे कूड़ेदान की व्यवस्था आदि। इस प्रतियोगिता से बहुत से नगरों में ऊपर रैंक पर आने के लिए प्रतिस्पर्धा होती रहती है। जिसके परिणामस्वरूप लगातार साफ-सफाई में सुधार हो रहा है। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर लगातार चौथे वर्ष स्वच्छता में प्रथम पायदान पर बना हुआ है।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत एक स्वच्छता ऐप जारी किया गया है। जिसे अपने मोबाइल में आसानी से इंस्टॉल करके अपने आस पास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाये रखने में सहायता कर सकते हैं। इसके लिए इस ऐप के माध्यम से अस्वच्छ या गंदे सार्वजनिक क्षेत्रों का फोटो लेकर अधिकारियों के पास भेज देना है। GPS सिस्टम लगे होने से सन्दर्भ अधिकारियों तक लोकेशन अपने-आप पहुँच जायेगा और वे नियत समय में आकर उस जगह की सफाई कर देंगे।

स्वच्छ भारत अभियान योजना के तहत हर घर शौचालय योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत हर घर या घर के निकट शौचालय के निर्माण के उद्देश्य से सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसी के तहत शहरी क्षेत्रों में शौचालय बनाने के लिए 75% सब्सिडी प्रदान की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए ₹12000 सरकार द्वारा प्रदान किये जाते हैं।

इस स्वच्छ भारत अभियान योजना के तहत शौचालय बनवाने का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://swachhbharat.mygov.in/ पर जाएं। वेबसाइट के होम पेज पर दाहिनी तरफ Applicant Login पर जाकर नीचे में New Applicant पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, इसमें मांगी गई सभी जानकारियों को सही से भरें और मांगे गए दस्तावेजों को अपलोड करें फिर कैप्चा कोड भरकर Register के बटन पर क्लिक करें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन हो जायेगा।

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